छह पड़ावों की एक यात्रा

हर चीज़ की शुरुआत की ओर यात्रा

क्या हो अगर आपके हाथों में ऐसे अकाट्य प्रमाण हों कि ब्रह्मांड का एक सृष्टिकर्ता होना ही चाहिए?

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प्रस्तावना

यात्रा शुरू होने से पहले

क्या हो अगर आपके हाथों में ऐसे अकाट्य प्रमाण हों कि ब्रह्मांड का एक सृष्टिकर्ता होना ही चाहिए? न कोई अंदरूनी एहसास, न कोई अटकलें और न कोई संदेह। एक तार्किक रूप से अनिवार्य निष्कर्ष।

यह वेबसाइट आपको कदम दर कदम तर्कों की एक तार्किक शृंखला से गुज़ारती है, जो दिखाती है:

  • ब्रह्मांड स्वयं को उत्पन्न नहीं कर सकता।
  • वह अनादि काल से अस्तित्व में नहीं रह सकता।
  • और वह शून्य से उत्पन्न नहीं हो सकता।

ब्रह्मांड और जीवन की उत्पत्ति के लिए एकमात्र तार्किक निष्कर्ष एक सर्वशक्तिमान सृष्टिकर्ता है। न संयोग और न ही कोई चेतनाहीन शक्ति इसके लिए ज़िम्मेदार हो सकती है।

तर्कों की यह शृंखला तर्कशास्त्र की अनिवार्य सच्चाइयों पर आधारित है। ये मानव या मशीनी प्रगति से स्वतंत्र रूप से मान्य हैं। क्योंकि एक तार्किक असंभवता हमेशा के लिए असंभव रहती है, ठीक वैसे ही जैसे 2 + 2 कभी 5 नहीं होगा।

प्रमाणों की शृंखला

शून्य से प्रथम कारण तक — कदम दर कदम

  1. पूर्वधारणा 1शून्य से कुछ भी उत्पन्न नहीं होता।
  2. पूर्वधारणा 2ब्रह्मांड ने अस्तित्व में आना शुरू किया।
  3. पूर्वधारणा 3वह स्वयं अपना कारण नहीं हो सकता, अनादि नहीं हो सकता और संयोग से उत्पन्न नहीं हो सकता।
  4. निष्कर्षएक अनिवार्य, अपनी इच्छा से कार्य करने वाला प्रथम कारण मौजूद है।
  5. उसके गुणअनादि-अनंत · सर्वशक्तिमान · सर्वज्ञ · एकमात्र।
  6. प्रश्नकौन-सा संदेश ठीक इसी कारण का वर्णन करता है?

मार्ग

छह पड़ाव। एक निष्कर्ष।